कर्नाटक उपचुनाव में तीन लोकसभा सीटों व दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में नतीजे बीजेपी के पक्ष में नहीं रहे। पांच में से केवल एक शिमोगा लोकसभा सीट पर बीजेपी को जीत मिली। बाकी चारों पर कांग्रेस और जेडीएस का दबदबा कायम रहा।
कर्नाटक में तीन लोकसभा और दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को झटका लगा है। दो लोकसभा सीट पर कांग्रेस को जीत मिली और 2 विधानसभा सीट में से एक पर वह जीत चुकी है, वहीं दूसरी सीट पर उसकी जीत लगभग पक्की है। बीजेपी को महज शिमोगा लोकसभा सीट पर ही कामयाबी मिली। ये नतीजे कर्नाटक की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं। खासकर उपचुनाव के नतीजों के बाद 2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस-जेडीएस मजबूत मनोबल के साथ मैदान में उतरेगी, वहीं बीजेपी को एक बार फिर से अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरना होगा।
बेल्लारी में बीजेपी को लगा झटका
वहीं मांड्या लोकसभा सीट पर जेडीएस को जीत हासिल हुई। इस तरह तीन लोकसभा सीटों में से एक-एक सीट कांग्रेस, बीजेपी और जेडीएस को मिली है। खास बात यह है कि बेल्लारी को बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है। यहां बीजेपी नेता श्रीरामुलु की बहन शांता को उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन वह आदिवासी जनजाति के लिए आरक्षित यह सीट नहीं बचा सकीं।
3 नवंबर को हुआ था मतदान
बता दें, कर्नाटक में मंगवार को 3 लोकसभा सीटों और 2 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के बाद मतगणना कराई जा रही है। इन सीटों पर प्रमुख मुकाबला कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन और बीजेपी की बीच था। इन सभी सीटों पर 3 नवंबर को उपचुनाव की वोटिंग कराई गई थी, जिनमें औसतन 67 फीसदी मतदान हुआ था।
इस्तीफे की वजह से खाली हुई थीं सीटें
आप जानते होंगे, पांच में से चार सीटें इस्तीफे की वजह से और एक सीट विधायक के निधन की वजह से खाली हुई थी। शिवमोगा सीट बीएस येदियुरप्पा, बेल्लारी सीट श्रीमुलु और मांड्या सीट सीएस पुट्टाराजू के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। वहीं रामनगर सीट से सीएम कुमारस्वामी के इस्तीफे और जामखंडी सीट कांग्रेस विधायक सिद्धू न्यामगौड़ा के निधन के बाद खाली हुई थी।
जेडीएस-कांग्रेस मिलकर लड़े थे चुनाव
कर्नाटक में सत्तारूढ़ जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन ने सूबे में तीन लोकसभा और दो विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव में साथ मिलकर लड़ने का ऐलान किया था। फैसले के मुताबिक कांग्रेस बेल्लारी और शिमोगा लोकसभा क्षेत्रों और जेडीएस मांड्या लोकसभा क्षेत्र में उपचुनाव लड़ने उतरी थी। वहीं विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस जामखंडी और जेडीएस रामनगर से चुनाव मैदान में उतरी थी।
Tuesday, November 6, 2018
Thursday, November 1, 2018
भाजपा के प्रदेश सचिव और उनके भाई की गोली मारकर हत्या
जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ क़स्बे में गुरुवार देर रात बीजेपी के प्रदेश सचिव अनिल परिहार और उनके भाई अजित परिहार की अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी.
ये घटना ज़िला डोडा के किश्तवाड़ क़स्बे में उस समय हुई जब अनिल और उनके भाई घर वापस लौट रहे थे.
बताया जा रहा है कि अनिल और अजित पर बहुत नज़दीक से गोलियां चलाई गईं.
जम्मू-कश्मीर बीजेपी के जनरल सेक्रेटरी अशोक कौल ने घटना की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि अनिल परिहार बीजेपी के बड़े नेताओं में शुमार थे.
कौल ने कहा, "अनिल बीजेपी के बड़े नेता थे. बचपन से ही बीजेपी के साथ जुड़े थे. वो जम्मू बीजेपी के बड़े सात-आठ नेताओं में शामिल थे. अनिल किश्तवाड़ के ही रहने वाले थे. वो बीजेपी स्टेट मोर्चा अध्यक्ष भी रह चुके थे. साथ ही ऑल इंडिया युवा मोर्चा के सदस्य रहे थे. पिछली बार भी स्टेट सेक्रेटरी रहे थे और हाल ही में रविंदर रैना ने फिर से उन्हें स्टेट सेक्रेटरी बनाया था. हाल ही में वो उधमपुर और आरएसपुरा के भी प्रभारी रहे हैं."
कौल ने अनिल की हत्या को बुज़दिलाना हरक़त बताया और कहा कि हमें ऐसी घटनाओं की निंदा करनी चाहिए.
इस घटना के बाद प्रशासन ने किश्तवाड़ क़स्बे में शांति व्यवस्था बनाए रखने लिए कर्फ़्यू लगा दिया है. बताया जाता है कि पूरे किश्तवाड़ क़स्बे में हालात तनावपूर्ण हैं.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने घटना की निंदा करते हुए हैरानी जताई है.
जम्मू-कश्मीर बीजेपी के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने इस हमले की निंदा करते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर में बीजेपी की बढ़ती शोहरत से कुछ लोग बौखला गए हैं. ठाकुर ने पुलिस से क़ातिलों को जल्द से जल्द पकड़ने की अपील की है.
इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस, जम्मू ज़ोन एस.डी. सिंह जम्वाल ने बीबीसी को बताया कि अभी तक हत्या में शामिल लोगों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.
उन्होंने कहा, "अभी इस मामले में जांच चल रही है. अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है."
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने इन हत्याओं पर शौक जताया है.
जम्मू-कश्मीर बीजेपी इकाई के जनरल सेक्रेटरी अशोक कौल ने कहा, "उमर अब्दुला इस घटना की निंदा कर रहे हैं, लेकिन निंदा करने से कुछ नहीं होगा. उन्हें उन लोगों की निंदा करनी चाहिए, जिन्होंने आज बड़गाम में पत्थर बरसाए."
जम्मू क्षेत्र में बीते वर्षों के दौरान पहली बार इस तरह की घटना सामने आई है कि किसी नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई हो. हालांकि कश्मीर में ऐसे कई मामले देखने को मिलते रहते हैं.
बीते वर्षों में बीजेपी और दूसरी राजनीतिक पार्टियों के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की कश्मीर में संदिग्ध चरमपंथियों ने हत्या की है.
ये घटना ज़िला डोडा के किश्तवाड़ क़स्बे में उस समय हुई जब अनिल और उनके भाई घर वापस लौट रहे थे.
बताया जा रहा है कि अनिल और अजित पर बहुत नज़दीक से गोलियां चलाई गईं.
जम्मू-कश्मीर बीजेपी के जनरल सेक्रेटरी अशोक कौल ने घटना की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि अनिल परिहार बीजेपी के बड़े नेताओं में शुमार थे.
कौल ने कहा, "अनिल बीजेपी के बड़े नेता थे. बचपन से ही बीजेपी के साथ जुड़े थे. वो जम्मू बीजेपी के बड़े सात-आठ नेताओं में शामिल थे. अनिल किश्तवाड़ के ही रहने वाले थे. वो बीजेपी स्टेट मोर्चा अध्यक्ष भी रह चुके थे. साथ ही ऑल इंडिया युवा मोर्चा के सदस्य रहे थे. पिछली बार भी स्टेट सेक्रेटरी रहे थे और हाल ही में रविंदर रैना ने फिर से उन्हें स्टेट सेक्रेटरी बनाया था. हाल ही में वो उधमपुर और आरएसपुरा के भी प्रभारी रहे हैं."
कौल ने अनिल की हत्या को बुज़दिलाना हरक़त बताया और कहा कि हमें ऐसी घटनाओं की निंदा करनी चाहिए.
इस घटना के बाद प्रशासन ने किश्तवाड़ क़स्बे में शांति व्यवस्था बनाए रखने लिए कर्फ़्यू लगा दिया है. बताया जाता है कि पूरे किश्तवाड़ क़स्बे में हालात तनावपूर्ण हैं.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने घटना की निंदा करते हुए हैरानी जताई है.
जम्मू-कश्मीर बीजेपी के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने इस हमले की निंदा करते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर में बीजेपी की बढ़ती शोहरत से कुछ लोग बौखला गए हैं. ठाकुर ने पुलिस से क़ातिलों को जल्द से जल्द पकड़ने की अपील की है.
इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस, जम्मू ज़ोन एस.डी. सिंह जम्वाल ने बीबीसी को बताया कि अभी तक हत्या में शामिल लोगों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.
उन्होंने कहा, "अभी इस मामले में जांच चल रही है. अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है."
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने इन हत्याओं पर शौक जताया है.
जम्मू-कश्मीर बीजेपी इकाई के जनरल सेक्रेटरी अशोक कौल ने कहा, "उमर अब्दुला इस घटना की निंदा कर रहे हैं, लेकिन निंदा करने से कुछ नहीं होगा. उन्हें उन लोगों की निंदा करनी चाहिए, जिन्होंने आज बड़गाम में पत्थर बरसाए."
जम्मू क्षेत्र में बीते वर्षों के दौरान पहली बार इस तरह की घटना सामने आई है कि किसी नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई हो. हालांकि कश्मीर में ऐसे कई मामले देखने को मिलते रहते हैं.
बीते वर्षों में बीजेपी और दूसरी राजनीतिक पार्टियों के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की कश्मीर में संदिग्ध चरमपंथियों ने हत्या की है.
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